Showing posts with label life. Show all posts
Showing posts with label life. Show all posts
Monday, November 2, 2015
Monday, October 14, 2013
कुछ कदम सफ़र में पीछे छूट जाते हैं
कुछ कदम सफ़र में पीछे छूट जाते हैं ,
कुछ अपने हमसे सदा के लिए रूठ जाते है,
आँसू बनके वो याद आते हैं,
कभी दिन में तो कभी रातों में सताते हैं ||
Thursday, April 25, 2013
शहीदों की नहीं है याद, शहीदों का पाठ पढ़ना भूल गए
वैलेनटाइन है याद ,शहीदों
पर पुष्प चढ़ना भूल गए
क्रिसमस का तो है पाठ ,
शहीदों का पाठ जोड़ना भूल गए
गद्दरों की सरकार ,शहीद-ए-हिन्द
बताना भूल गए
अहिंसा का ऐसा रटाया पाठ,
क्रान्तिवीरों को बताना भूल गए
वाह रे हिन्दूस्थान सेकुलर
की ओढ़ ली ऐसी शाल, माटी का कर्ज़ निभाना भूल गए
बिखर रहा हिन्दूस्थान ,शहीदों
पर दीप जालना भूल गए
आज कितना बादल गया नौजवान,
देश में वापस आना भूल गए !
Monday, February 14, 2011
आसमाँ में भी फूल खिलते हैं
नीले आसमाँ में भी फूल खिलते हैं
सितारों से तो रोज सब मिलते हैं ,
रात में ही तो लोगों को अक्सर चाँद दिखते हैं,
कीचड़ में भी तो कमल खिलते हैं ,
ज़िन्दगी में सच्चे इंसान अब बहुत कम मिलते हैं ,
बुढ़ापे में अक्सर लोग मरने से डरते हैं ,
जाने क्यों लोग सच समझने से डरते हैं ,
जाने क्यों लोग दूसरे के गिरने पर जोर जोर से हंसते हैं !
जाने क्यों दोस्त कम और दुश्मन जादा मिलते हैं ,
कोयले की खान में ही अक्सर हीरे मिलते हैं ,
जाने क्यों लोग #गंगा को मैला किया करते हैं,
गमों के बाद ही अक्सर ख़ुशी के कुछ पल मिलते हैं,
प्यार में दर्द जुदाई और तड़प के काँटे एक साथ मिलते हैं,
फिर भी न जाने क्यों लोग प्यार किया करते हैं ,
जंग में गिर कर कुछ लोग, फिर से उठकर चल दिया करते हैं ,इंसान ही इंसान को मारने के लिए बन्दूक लिए फिरते हैं
जाने क्यों वो आतंकवाद किया करते हैं ,
जाने क्यों लोग दिलों में नफरत का जहर भर लिया करते हैं
बड़े ख्वाब देखने वाले ही तो ख्वाबों को साकार किआ करते हैं ,
जाने कैसे लोग दर्द में भी मुस्कुरा कर जी लिया करते हैं ,
अंदर ही अंदर जहर के घूंट पी लिया करते हैं ,
बुरे वक्त को भी हंस के मात दे दिया करते हैं ,
सच्चे दोस्त ही तो अक्सर ऐसे में हमारा साथ दिया करते हैं,
दोस्तों को ही ज़िन्दगी का दूसरा नाम दिया करते हैं
- अरविन्द !
Previously Posted by at 7:32 AM on Friday, October 19, 2007
दो आँसू रुक न सके
दो आँसू रुक न सके !
दो आँसू रुक न सके दो पल के लिए...
दो पल रुक न सक इस दिल के लिए...
दिल तोड़ गए किसी की ख़ुशी के लिए...
वो हमें भूल गए किसी और के लिए...
दो आँसू रुक न सके दो पल के लिए...
दो पल रुक न सक इस दिल के लिए...
दिल तोड़ गए किसी की ख़ुशी के लिए...
वो हमें भूल गए किसी और के लिए...
हम तो इस उम्मीद में थे, कि वो आएंगे हमारी थोड़ी से ख़ुशी के लिए...
पर वो हमें छोड़ गए आँसुओं में बहने के लिए...
ये आँखें तरस गईं उनकी एक झलक पाने के लिए...
जब याद आयेगी उनको हमारे गले लगने की और पलखों से निकल रहे होंगे आँसू...
तो हम न होंगे उनके दो आँसुओं को रोक पाने के लिए...
पर वो हमें छोड़ गए आँसुओं में बहने के लिए...
ये आँखें तरस गईं उनकी एक झलक पाने के लिए...
जब याद आयेगी उनको हमारे गले लगने की और पलखों से निकल रहे होंगे आँसू...
तो हम न होंगे उनके दो आँसुओं को रोक पाने के लिए...
- अरविन्द /@rvind!
Previously Posted at 5:43 AM on Tuesday, December 18, 2007
किसे भूलें किसे याद करें
किसे भूलें किसे याद करें किस किस से फ़रियाद करें ,किस से नफरत ,किस से प्यार करें ?
किस पे ये दुनिया जा निसार करें किस पत्थर पे कदम रक्खें, किसे छोड़ चलें ?
किसे बेकार किसे अनमोल कहें ,किसे छोड़ें ,किस के साथ चलें किसे हम दगाबाज़ किसे वफादार कहें ?
किस पे ये दुनिया जा निसार करें किस पत्थर पे कदम रक्खें, किसे छोड़ चलें ?
किसे बेकार किसे अनमोल कहें ,किसे छोड़ें ,किस के साथ चलें किसे हम दगाबाज़ किसे वफादार कहें ?
किस सुबह, किसे शाम कहें ? किसे खुशी किसे गम का दूसरा नाम कहें ?
किसे सूरज किसे चाँद कहें ,किसे पत्थर किसे भगवान कहें ?
किसे निशानी किसे निशान कहें किसे सुर किसे ताल कहें ?
किसे ज़िंदगी किसे ज़िन्दगी की आखरी शाम कहें ?
किसे पतझड़ किसे बसंत की बहार कहें ?
किसे नीलम किसे पत्थर बेकार कहें ?
किसे धरती किसे आकाश कहें ?
किसे सम्मान किसे अपमान कहें ?
किसे पूनम पूनम का चाँद कहें ,किसे शान्त किसे अशान्त कहें ?
किसे नाम किसे बदनाम कहें ?
किसे जीवन का आखरी अंजाम कहें ?
किसे भूलें किसे याद करें...
kise bekar kise anmol kahen kise choden kis k sath chale kise ham dagabazz kise vafadaar kahen kise subha kise shyam kahen kise khushi kise gam ka dusra nam kahen kise suraj kise chand kahe kise patthar kise bhagwan kahen.
kise nishani kise nishan kahen kise sur kise tal kahen kise zindagi ki akhri sham kahen kise patjhad kise basant ki bahar kahen kise nelam kise pathar bekar kahen kise dharti kise aakash kahen kise samman kise apman kahen kise punam kise punam ka chand kahen kise shant kise ashant kahen kise nam kise badnam kahen kise jevan ka akhari anjam kahen...
kise bhulen kise yad karen...
@rvind
Labels:
art,
blog,
entertantment,
etc,
friens,
hobbies,
kise_bhulen_kise_yaad_kare,
life,
love,
poetry,
relationship,
writting
हम मिलते हैं मुस्कुराने के लिए
हम मिलते हैं मुस्कुराने के लिए
हम पास आते हैं कुछ पल साथ बिताने के लिए
हम दूर जाते हैं फिर से पास आने के लिए
हम गमों को भुलाते हैं जख्मों को भर जाने के लिए,
हम हँसी ख़ुशी बातें करते हैं खुशियों को बढ़ाने के लिए
हम गुस्ताखी करते हैं कुछ नसीहतें पाने के लिए
गम आते हैं खुशी को बुलाने के लिए
हम मुस्कुराते हैं आपके चेहरे पे मुस्कुराहट लाने के लिए...
आप रूठ जाते हैं हमारे मानाने के लिए,
हम आपको जोश दिलाते रहते हैं कुछ कर गुजर जाने के लिए हैं...
दोस्ती और प्यार नहीं बिकते हैं ख़रीदे जाने के लिए...
हर सुबह होती है जीवन में किसी नए सफर पर जाने के लिए...
जिन्दगी होती है जीवन में हमेशा आगे बढ़ते जाने के लिए...
मुस्कुराहट होती है मुस्कुराने के लिए...
- अरविन्द/@rvind
Previously Posted at 12:26 AM on Friday, November 23, 2007
हम पास आते हैं कुछ पल साथ बिताने के लिए
हम दूर जाते हैं फिर से पास आने के लिए
हम गमों को भुलाते हैं जख्मों को भर जाने के लिए,
हम हँसी ख़ुशी बातें करते हैं खुशियों को बढ़ाने के लिए
हम गुस्ताखी करते हैं कुछ नसीहतें पाने के लिए
गम आते हैं खुशी को बुलाने के लिए
हम मुस्कुराते हैं आपके चेहरे पे मुस्कुराहट लाने के लिए...
आप रूठ जाते हैं हमारे मानाने के लिए,
हम आपको जोश दिलाते रहते हैं कुछ कर गुजर जाने के लिए हैं...
दोस्ती और प्यार नहीं बिकते हैं ख़रीदे जाने के लिए...
हर सुबह होती है जीवन में किसी नए सफर पर जाने के लिए...
जिन्दगी होती है जीवन में हमेशा आगे बढ़ते जाने के लिए...
मुस्कुराहट होती है मुस्कुराने के लिए...
- अरविन्द/@rvind
Previously Posted at 12:26 AM on Friday, November 23, 2007
जख्म इधर है तो दर्द उधर भी होगा
जख्म इधर है तो दर्द उधर भी होगा,
दिल इधर है तो धड़कन उधर भी होगी,
प्यास इधर भी है तो जस्बात उधर भी होंगे,
काँटा इधर लगा है तो चुभन उधर भी होगी,
जुस्तजूं इधर है तो कशिश उधर भी होगी,
चिंगारी इधर है तो आग उधर भी होगी,दर्द इधर है तो चोट उधर भी होगी,
जिन्दगी इधर है तो जीवन उधर भी होगा,
खुशबू इधर है तो फूल उधर भी होंगे...
गम इधर है तो उदास मन उधर भी होगा,
एक किनारा इधर है तो दूसरा उधर भी होगा,
आवाज इधर है तो शोर उधर भी होगा,
पल्खों में नमी इधर भी है तो एक आँसू उधर भी झलका होगा,
तड़प इधर है तो जुदाई उधर भी होगी ,
साँस इधर है तो उनका एहसास उधर भी होगा,
चुलबुली इधर है तो गुदगुदी उधर भी होगी ,
लब इधर हैं तो उनकी मुस्कुराहट उधर भी होगी...
- अरविन्द/@rvind
एक किनारा इधर है तो दूसरा उधर भी होगा,
आवाज इधर है तो शोर उधर भी होगा,
पल्खों में नमी इधर भी है तो एक आँसू उधर भी झलका होगा,
तड़प इधर है तो जुदाई उधर भी होगी ,
साँस इधर है तो उनका एहसास उधर भी होगा,
चुलबुली इधर है तो गुदगुदी उधर भी होगी ,
लब इधर हैं तो उनकी मुस्कुराहट उधर भी होगी...
प्यार इधर है तो इजहार उधर भी होगा,
चाँद इधर है तो चाँदनी उधर भी होगी,
दूरियां इधर भी हैं तो नज़दीकियाँ उधर भी होगी,
दिल इधर टूटा है तो टुकड़े उधर भी बिखरे होंगे...
घुटन इधर हुई है ,तो साँसें उधर भी रुकी होंगी...
चाँद इधर है तो चाँदनी उधर भी होगी,
दूरियां इधर भी हैं तो नज़दीकियाँ उधर भी होगी,
दिल इधर टूटा है तो टुकड़े उधर भी बिखरे होंगे...
घुटन इधर हुई है ,तो साँसें उधर भी रुकी होंगी...
मौत इधर आई है तो जनाजा उधर भी निकला होगा...
- अरविन्द/@rvind
Previously Posted at 12:45 AM
Friday, November 23, 2007
Labels:
dard,
expression,
friend,
friendship,
life,
love,
poetry,
shayari
Monday, December 20, 2010
कुछ ख्वाब ऐसे भी
कुछ ख्वाब ऐसे भी...
कुछ ख्वाब ऐसे भी जो आसमा की बुलन्दियों में उड़ते रहे
कुछ ख्वाब ऐसे भी जो जमीन के अंदर सुलगते रहे ,
कुछ सुलझे कुछ उलझते रहे ,
कुछ रुके कुछ चलते रहे ,
कुछ हँसे कुछ मचलते रहे,
कुछ गिरे कुछ फिसलते रहे
कुछ कदम भर चले ,कुछ साथ दूर तक चलते रहे ,
कुछ आवाज़ दिए ,कुछ शान्त चलत रहे
कुछ बहके ,कुछ खामोश कहते रहे ,
कुछ थे पास कुछ दूर रहते रहे
कुछ मिले पास ,कुछ पास आने को कहते रहे !
कुछ ख्वाब ऐसे भी जो आसमा की बुलन्दियों में उड़ते रहे
कुछ ख्वाब ऐसे भी जो जमीन के अंदर सुलगते रहे ,
कुछ सुलझे कुछ उलझते रहे ,
कुछ रुके कुछ चलते रहे ,
कुछ हँसे कुछ मचलते रहे,
कुछ गिरे कुछ फिसलते रहे
कुछ कदम भर चले ,कुछ साथ दूर तक चलते रहे ,
कुछ आवाज़ दिए ,कुछ शान्त चलत रहे
कुछ बहके ,कुछ खामोश कहते रहे ,
कुछ थे पास कुछ दूर रहते रहे
कुछ मिले पास ,कुछ पास आने को कहते रहे !
Subscribe to:
Posts (Atom)





