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Monday, November 2, 2015
Monday, February 14, 2011
दो आँसू रुक न सके
दो आँसू रुक न सके !
दो आँसू रुक न सके दो पल के लिए...
दो पल रुक न सक इस दिल के लिए...
दिल तोड़ गए किसी की ख़ुशी के लिए...
वो हमें भूल गए किसी और के लिए...
दो आँसू रुक न सके दो पल के लिए...
दो पल रुक न सक इस दिल के लिए...
दिल तोड़ गए किसी की ख़ुशी के लिए...
वो हमें भूल गए किसी और के लिए...
हम तो इस उम्मीद में थे, कि वो आएंगे हमारी थोड़ी से ख़ुशी के लिए...
पर वो हमें छोड़ गए आँसुओं में बहने के लिए...
ये आँखें तरस गईं उनकी एक झलक पाने के लिए...
जब याद आयेगी उनको हमारे गले लगने की और पलखों से निकल रहे होंगे आँसू...
तो हम न होंगे उनके दो आँसुओं को रोक पाने के लिए...
पर वो हमें छोड़ गए आँसुओं में बहने के लिए...
ये आँखें तरस गईं उनकी एक झलक पाने के लिए...
जब याद आयेगी उनको हमारे गले लगने की और पलखों से निकल रहे होंगे आँसू...
तो हम न होंगे उनके दो आँसुओं को रोक पाने के लिए...
- अरविन्द /@rvind!
Previously Posted at 5:43 AM on Tuesday, December 18, 2007
Wednesday, July 1, 2009
आँखों में सपने हैं
आँखों में सपने हैं ,
कुछ दर्द अपने हैं ,
दर्द में मोती हैं ,
खुशियाँ क्यों रूठी हैं ,
खुशियों की दुनिया क्यों इतनी छोटी है ?
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कुछ दर्द अपने हैं ,
दर्द में मोती हैं ,
खुशियाँ क्यों रूठी हैं ,
खुशियों की दुनिया क्यों इतनी छोटी है ?
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हमको पड़े जलना भी अगर
पंखों सा कोमल एहसास दे जायेंगे ,
ओंठों पे प्यारी सी मुस्कान दे जायेंगे ,
हमको पड़े जलना भी अगर ,
तो भी,आपको रोशन ये जहाँ दे जायेंगे !
- अरविन्द /@rvind
ओंठों पे प्यारी सी मुस्कान दे जायेंगे ,
हमको पड़े जलना भी अगर ,
तो भी,आपको रोशन ये जहाँ दे जायेंगे !
- अरविन्द /@rvind
उतरना न इतनी गहराईयों में
उतरना न इतनी गहराईयों में की वापिस आना भी हो जाये मुश्किल ,
बनाना न इतनी दरारें की भर पाना भी हो जाये नमुश्किल !
बनाना न इतनी दरारें की भर पाना भी हो जाये नमुश्किल !
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