अगर मिलें न तुम्हें कभी करीब हम,
लगे क्यों हैं तुमसे इतना दूर हम,
ढूढ़ लेना हमें अपने करीब में,
मिल जायेंगे बंद आँखों में
झलक आयेंगे बहते आंसुओ से...
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Tuesday, May 12, 2009
अगर अलविदा कहो
अगर अलविदा कहो तो इंतजार है एक मुलाकात का,
अगर वादा करो तो इंतजार है आगली मुलाकात का,
अगर मिलने को कहो... तो इंतजार है उस रात का...
अगर वादा करो तो इंतजार है आगली मुलाकात का,
अगर मिलने को कहो... तो इंतजार है उस रात का...
Monday, April 13, 2009
लम्बी रातों के पल
इन लम्बी रातों के पल बीत पाते नहीं हम रात भर उनका इंतजार करते हैं...मगर वो आते नहीं...
मालूम है वो नहीं आ पाएंगे मगर हम हैं...
कि खुद को उनका इन्जार करने से रोक पते नहीं...
Thursday, April 2, 2009
तेरी याद
तेरी याद मुझे क्यों आती है, अक्सर तनहा होने पर,
आँखों को क्यों नम कर जाती है, तेरी याद मुझे क्यों आती है ?
फूलों के मौसम में पतझड़ क्यों दे जाती है ?
अक्सर खुश रहता हूँ पर उसमें एक अधूरी सी तस्वीर क्यों रह जाती है ?
चढ़ती ऊँची लहरें पल भर में उतर जाती हैं जब तेरी याद मुझे आ जाती है....
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